“अद्भुत जमुईः पर्यटन एवं उद्योग विकास की नई दिशा”

जमुई जिला प्रशासन एवं बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 29 अप्रैल, 2026 को एक दिवसीय ‘आउटरीच कार्यक्रम’ का आयोजन जमुई समाहरणालय के संवाद कक्ष में आयोजित किया गया। इसमें “अद्भुत जमुईः पर्यटन एवं उद्योग विकास की नई दिशा” की संभावनाओं पर मंथन किया गया।
दीप प्रज्वलित कर उद़घाटन के उपरान्त कार्यक्रम के संयोजक -बीआईए पर्यटन समिति के चेयरमैन श्री सुनील कुमार सिंह ने जमुई की समृद्ध विरासत और खनिज संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वर्ण भंडार से समृद्ध यह धरती प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है और सत्तर के दशक का ‘स्लीपिंग टाउन’ अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने को तैयार है।
उन्होंने हेरिटेज, विलेज और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाओं पर जोर देते हुए कुकुरझप डैम पर रोपवे निर्माण, पर्यटन स्थलों पर साइनेज लगाने तथा स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने का सुझाव दिया। साथ ही ‘होम-स्टे’ योजना के तहत मिलने वाले 20 लाख रूपये के ऋण का लाभ उठाकर स्थानीय समुदाओं को सशक्त बनाने का आह्वान किया।
औद्योगिक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए पूर्व उपाध्यक्ष श्री संजय गोयनका ने निवेशकों को राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों के तहत मिलने वाली सुविधाओं के साथ बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने शहरीकरण की नीति के तहत होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क के निर्माण हेतु अधिग्रहण संबंधी रियायतों और अनुदानों का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि जमुई में निवेष के लिए अब सरकार ने ’रेड कार्पेट’ बिछा दिया है। जमुई में करीब 7100 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश की रूपरेखा तैयार हो चुकी है, जिनमें से कुछ परियोजनाओं पर कार्य भी शुरू हो गया है।


वहीं, पूर्व अध्यक्ष श्री के. पी. एस. केशरी ने जमुई की भौगोलिक स्थिति को इसकी बड़ी ताकत बताते हुए इसे आध्यात्मिक राजधानी देवघर और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों के निकट एक उभरता हुआ पर्यटन हब बताया।
जिला पदाधिकारी महोदय श्री नवीन जी ने अपने संबोधन में जमुई को ‘ईश्वर निर्मित उपवन’ और ‘बिहार का कोहिनूर’ बताते हुए इसके सर्वांगीण विकास के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि जमुई अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है, जिसका प्रमाण हाल के सफल चुनाव और केंद्र सरकार की अधिसूचना है। उन्होंने सिमुलतला में ‘वेलनेस सेंटर’ की स्थापना और जिले की आर्थिक प्रगति को गति देने के लिए ठोस प्रयासों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में यह स्पष्ट हुआ कि प्राकृतिक संसाधनों और सुंदरता, प्रचुर खनिज संसाधन, सस्ता श्रम, बेहतर कनेक्टिविटी और अनुकूल निवेश माहौल के कारण जमुई निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। जमुई अब पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक विकास की राह पर चल पड़ा है। वाटर स्पोर्ट्स, आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म के समन्वय से ‘अद्भुत जमुई’ अभियान जिले को विकास की अग्रिम पंक्ति में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
इसअवसर पर अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक मितेश शांडिल्य, सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. मेनका कुमारी तथा पर्यटन अधिकारी श्री विकेष कुमार सहित अन्य अधिकारी व निवेशक मौजूद थे।
कार्यक्रम के अंत में महासचिव श्री अमरनाथ जयसवाल ने जिला प्रषासन सहित सभी सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया। बीआईए के इस ‘आउटरीच कार्यक्रम’ के प्रतिनिधिमंडल में श्री अरविन्द कुमार सिंह, श्री मनीष कुमार, श्री महेष जालान, श्री मनीष कुमार तिवारी, सीए कुन्दन कुमार, श्री राजेन्द्र अग्रवाल, श्री हेमन्त राज, श्री अमजद खान, श्री परमीत सिंह, श्री ए. के. झा, सुश्री अनामिका सिंह एवं श्री अम्बालिका सिंह भी षामिल थे।
पटना से जमूई जाने के क्रम में बीआईए प्रतिनिधिमंडल ने पटना-बख्तियारपुर एनएच-30 सलिमपुर स्थित रेस्तरां ममता फूड प्लाजा में जलपान कर बीआईए पर्यटन समिति के को-चेयरमैन श्री संजीव कुमार सिन्हा जी का आतिथ्य स्वीकार किया।