माननीया उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह के साथ संवाद कार्यक्रम

बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा दिनांक 25 मई, 2026 को माननीया उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह के साथ राज्य के विभिन्न औद्योगिक संगठनों एवं उद्यमी प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस बैठक में राज्य के औद्योगिकीकरण, निवेश संवर्धन, रोजगार सृजन तथा उद्योग जगत से जुड़ी विभिन्न व्यवहारिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अध्यक्ष श्री रामलाल खेतान ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि माननीया मंत्री महोदया के युवा, ऊर्जावान एवं दूरदर्शी नेतृत्व से बिहार के औद्योगिक विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।


उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पाँच लाख करोड़ रुपये निवेश लक्ष्य एवं साख – जमा अनुपात को 100 प्रतिषत करने की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम बिहार के औद्योगिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने इस अवसर पर यह भी उल्लेख किया कि औद्योगिक विकास को स्थायित्व प्रदान करने के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। साथ ही उन्होंने नीतियों के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि उद्यमियों की समस्याओं का समाधान और चल रहे उद्योगों को बंद होने से बचाना अत्यंत आवश्यक है।
अंत में अध्यक्ष ने बिहार को “उद्योग की नगरी” बनाने का संकल्प व्यक्त करते हुए प्रेरक नारे प्रस्तुत किएः
“बनाओ बिहार में, बेचो दुनियाँ में” “न नीति में देरी, न नियति में कमी”
इस अवसर पर बीआईए बुलेटिन के संपादक श्री महेश जालान ने माननीया मंत्री महोदया का संक्षिप्त पर प्रभावशाली जीवन परिचय दिया। उपाध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम कुमार अग्रवाल ने बीआईए के सदस्यों की ओर से राज्य के औद्योगिकीकरण एवं उद्योगों के विकास से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन माननीय मंत्री महोदया को सौंपा, जिसका सारांश प्रस्तुत हैः —
नई औद्योगिक प्रोत्साहन नीति एवं संवाद
वर्तमान 2016 की नीति पुरानी हो चुकी है; नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2025 बनाई जाए।
उद्यमी पंचायत को पुनः शुरू किया जाए।
प्रत्येक माह उद्यमी संवाद कार्यक्रम आयोजित हो।
प्रशासनिक एवं नीतिगत सुधार
उद्योग संबंधी मंत्रीपरिषदीय समिति को पुनः सक्रिय किया जाए।
राज्य के लिए उद्योग रोडमैप तैयार किया जाए
SIPB (सिंगल विंडो) को सरल बनाया जाए।
अग्निशमन विभाग से NOC 10 वर्षों के लिए जारी करने का प्रावधान हो।
भूमि एवं आधारभूत संरचना
औद्योगिक भूमि हेतु अलग डटत्निर्धारित किया जाए।
ग्रीनफील्ड टाउनशिप के साथ औद्योगिक टाउनशिप विकसित हों।
निजी औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए नीति बने।
बियाडा औद्योगिक क्षेत्रों में 10 वर्ष से अधिक कार्यरत इकाइयों की भूमि को फ्री-होल्ड किया जाए।
उद्योगों को संरक्षण एवं प्रोत्साहन
बिहार खरीद अधिमानता नीति 2024 का सख्ती से पालन हो।
बंद/बीमार इकाइयों के पुनर्वास हेतु बजट आवंटित किया जाए।
वाहन स्क्रैपिंग इकाइयों को संरक्षण दिया जाए।
100 मौजूदा इकाइयों को उन्नयन हेतु सीड कैपिटल व प्च्व् खर्च पर अनुदान मिले।
स्थानीय उद्योगों को ब्रांड बिल्डिंग में आने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति दी जाए।
नए निवेश एवं लंबित मामले
निर्यात बढ़ाने हेतु अतिरिक्त ICD लॉजिस्टिक पार्क व ड्राई पोर्ट स्थापित हों।
फार्मा पार्क (200-500 एकड़) और विशेष फार्मास्युटिकल नीति लाई जाए।
राज्य में दो मेगा निवेश (50-50 हजार करोड़) लाने के प्रयास हों।
2006, 2011 और 2016 की नीतियों के तहत लंबित प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान हो।
बिहार भू-गर्भ जल प्राधिकरण को शीघ्र अधिसूचित किया जाए।
इसके अलावे उन्होंने बियाडा लैंड एलॉटमेंट एवं प्रबंधन नीति 2026 पर भी सुझाव प्रस्तुत किये।
लघु उद्योग भारती के स्थानीय अध्यक्ष व मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित उद्यमी श्री श्याम सुंदर भीमसरिया जी ने भी मुख्यतः बियाडा से संबंधित समस्याओं को माननीया उद्योग मंत्री महोदया के समक्ष रखा।
पूर्व अध्यक्ष श्री के. पी. एस केशरी ने भी माननीया मंत्री महोदया के समक्ष उद्योग से संबंधित समस्याओं व सुझावों को रखा। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से आये उद्योग एवं विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी उद्योगों के विकास में आ रही बाधा एवं औद्योगिक समस्याओं से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव एवं समस्याएँ मंत्री महोदया के समक्ष रखीं।
माननीया उद्योग मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने अपने संबोधन में अपने व्यक्तिगत अनुभव, राजनीतिक यात्रा और बिहार के औद्योगिक विकास के लिए अपनी नीतियों और दृष्टिकोण को साझा किया।
उन्होंने एक निर्धारित एथलीट और बिहार के विकास के लिए समर्पित राजनेता के रूप में अपनी व्यक्तिगत यात्रा से प्रेरणा लेते हुए राज्य की औद्योगिक नीतियों को सुव्यवस्थित करने, बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और एक सक्रिय, परिणामोन्मुख दृष्टिकोण को बढ़ावा देते हुए बिहार को एक उपभोक्ता-आधारित अर्थव्यवस्था से उत्पादन-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।


बीआईए और अन्य उद्योग संगठनों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए माननीय मंत्री महोदया ने उद्योग विभाग द्वारा किये जा रहे प्रमुख पहल और नीतिगत परिवर्तन के बारे में बताया, जो निम्नवत है :
एकीकृत औद्योगिक नीतिः विभाग का पदभार ग्रहण करने के पहले दिन से ही पूरे राज्य के लिए एक एकीकृत औद्योगिक नीति पर काम चल रहा है।
जिला-स्तरीय औद्योगिक संवाद (उद्योग वार्ता): जिलाधिकारियों को प्रभावशाली उद्योगपतियों के साथ मासिक बैठकें शुरू करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
भूमि अधिग्रहणः बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने तीन साल में अपनी भूमि बैंक को दोगुना कर दिया है और प्रत्येक जिले में 500 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण करके औद्योगिक क्षेत्र बनाने का लक्ष्य है। जल्द ही एक नई भूमि अधिग्रहण नीति लाई जाएगी।
ऑनलाइन पोर्टल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)ः प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और मानवीय हस्तक्षेप को कम करने के लिए, सभी सरकारी विभागों को AI का प्रयोग करके एक ऑनलाइन पोर्टल पर एकीकृत किया जा रहा है, जिससे नीतियों का निष्पादन तेजी से होगा।
निवेशः 5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य है, जिसमें चालू वर्ष के लिए 1 लाख करोड़ का निवेश शामिल है। 2025 की नीति के तहत कुल 1 लाख 14 हजार 607 करोड़ रुपये के निवेश की परियोजना है, जिसमें से 2,692 करोड़ रुपये पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।
स्टार्टअप नीतिः यह पहले से ही लागू है, और पिछले वर्ष 102 स्टार्टअप को सहायता प्रदान की गई है।
फार्मा नीतिः विभाग एक फार्मा नीति विकसित करने पर भी काम कर रहा है।
उत्पादन-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बदलावः बिहार को उपभोक्ता-आधारित अर्थव्यवस्था से उत्पादन-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने का लक्ष्य है।
माननीय मंत्री महोदया ने अपनी प्रतिबद्धता और भविष्य की योजनाएँ बताते हुए कहा कि वह अपने पद पर एक महीने से भी कम समय होने के बावजूद अपनी लगन और निष्ठा से कार्य कर रही हैं।
उन्होंने अपने नाम से जुड़ी “उम्मीद की किरण“ को बुझने नहीं देने का संकल्प लिया और कहा कि वह स्वयं एक “कार्यकर्ता“ हैं, न कि केवल एक “कार्यालय में बैठने वाली मंत्री“ हैं, और उन्होंने अपने विभाग का औचक निरीक्षण भी किया है।
मुजफ्फरपुर दौरा और जिला-व्यापी सर्वेक्षणः मुजफ्फरपुर के औद्योगिक क्षेत्र का दौरा पहले ही निर्धारित कर लिया गया है।



उनका लक्ष्य 29 अगस्त (उनका जन्मदिन और राष्ट्रीय खेल दिवस) तक बिहार के हर जिले का दौरा करना है, ताकि जमीनी स्तर पर औद्योगिक समस्याओं का सक्रिय रूप से समाधान किया जा सके।
उन्होंने बिहार को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराया।
अंत में उन्होंने रात के खाने के निमंत्रण को यह कहकर अस्वीकार कर दिया कि वे परिणाम दिखाने के बाद ही स्वीकार करेंगी।


कार्यक्रम का संचालन बीआईए नेटवर्किंग सेल के कन्वेनर श्री मनीष कुमार तिवारी ने किया। महासचिव श्री अमरनाथ जयसवाल के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम में पाटलिपुत्र, फतुहा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बिहटा, बिहारशरीफ, नालन्दा, गिद्धा, रोहतास, सहरसा, बेगुसराय, पूर्णिया, सीवान, कटिहार, दरभंगा साहित राज्य के अन्य औद्योंगिक क्षेत्रों तथा सीआईआई, क्रेडाई, बिहार महिला उद्यमी संघ, उत्तर बिहार व्यवसायी संघ, बिहार फ्लाई ऐश ब्रिक्स एसोसिएशन, पूर्वी बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतितिधि उपस्थित रहे। कवरेज के लिए सभी प्रेस और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बन्धुगण भी उपस्थित थे।